उठो चलो अब दाव दो,
ये शंकनाद हो चला,
ये सूर्य भी है बोलता,
ऐसे जीतोगें कैसे भला ???
खिली धूप इस दोपहरी की,
अब सूरज सिर पर आ गया,
उठो चलो दौड� read more >>
दुनिया वालों के जैसे हम भी हुए
तेरे दीवाने हैं।।
माता .................!!
मंदिर तेरे सजाने हैं।।
माता ....…...........!!
मंदिर तेरे सजाने हैं।।
होगी बड़ी read more >>
बचपन जिंदगी का वह खूबसूरत दौर होता है, जिसे हर इंसान कभी न कभी याद करता है। यह वह समय होता है जब न कोई चिंता होती है और न ही किसी बात का डर। read more >>
तब घर याद आता है
फोन पर बातें जब होती है माँ,
तब मन में सारा दृश्य दिख जाता है
तब घर बहुत याद आता है.....
हॉस्टल में बिखरी पड़ी है ज़ंदगी,
हो read more >>
एक मरा हुआ देखत सोच रा, मै तो आज घर राम के चला।
पर पीछे से ये क्या हो रहा, मेरा परिवार सारा रो रहा।
मेरा घर चौपाल आज बना हुआं, हर कोई भला - � read more >>