चाहे किसी से शुरू करूं,
चाहे किस पे खत्म करूं,,
त्याग एवं प्रेम उन सब पर भारी होगी मां का,
भगवान को भी सोचना पड़ जाएगा तो मां गाथा मैं क्� read more >>
शक्ति दे हमको हे शारदा माँ ,
मन में दे विश्वास हे ज्योति माँ ,
रस्ते पे चले हम धर्म के ,
करे न कोई भूल हे जग माँ ..........
मिटा लोभ लालच की अग्न read more >>
टूटना क्या होता है,
ये उससे पूछो,
जो घर की चार दीवारो तक ही सिमट जाती है।
उड़ान उसे भी भरनी थी,
लेकिन वो परिवार, बच्चे, घर,
इनमें ही उलझ कर read more >>
# स्त्रियां ...
एक स्त्री ,
दूसरी स्त्री से ,
करती है बातें घंटों
घर में बने सब्जियों की
कुछ इस तरह ,
आज क्या बनाई है
या फिर ,
आज क्या बनाएं read more >>