चल रहा हु रास्ते से अनजान हूँ,
लिख रहा हु हर लफ्ज से अनजान हूँ,
कुछ बात होगी मेरे जीने मे
जी रहा हूँ पर दर्द से अनजान हूँ,
एक मोड़ आया जिं� read more >>
माँ झूठ बोलती है,
सुबह जल्दी उठाने सात बजे को आठ कहती
नहा लो, नहा लो, के घर में नारे बुलंद करती है ,
मेरी खराब तबियत का दोष बुरी नज़र पर मढ़त� read more >>
दिल तो दुखा है,सहना तो होगा..😓
सब ठीक है, झूठ ही सही लेकिन मन को समझाना तो होगा..... 😅
दर्द है, धीरें धीरें ही सही कम तो होगा.... 😅
हे प्रभू! वो क read more >>
आदमी की औकात...
एक माचिस की तिल्ली,
एक घी का लोटा,
लकड़ियों के ढेर पे,
कुछ घण्टे में राख.....
बस इतनी-सी है,
आदमी की औकात !!!!
एक बूढ़ा बाप शा read more >>