दो दिल मिल गए
आखिर प्यार हो ही गया
कब तक दूर रहता तेरे बिना साथी आखिर
तेरे पास तो लोट आना ही था ,
केसे बया करू इस प्यार को कब हो गया
मालू� read more >>
मेरा चाँद... (शीर्षक)
उस मुडेर पर ,पता नहीं
क्यों रुका है, मेरा चाँद,
क्या उसको घर का पता नही,
क्या अपनों के दिल दुखाने की
खता तो नहीं?
कभी � read more >>