हे चाँद चाँदनी फैला गगन भर में ,
तू निकल कहीं ना पर निकल उनके आँगन घर में |
दीप्त कर दे बो चेहरा तेरे ही जैसा है ,
है तुझसे भी खूबसूरत ते� read more >>
संसार की माया मिथ्या, झूठ का ना मोल ।
अब ग्यान पटल खोल माँ, ग्यान पटल खोल ।।
अवगुण भरे हैं इस तन में, अब गुण की भाषा बोल ।
अब ग्यान पटल खोल � read more >>