किसी से भी उम्मीद तब तक होती है जब तक हमें हर चीज पाने की लालसा रहती है, जिस दिन लालसा खत्म उस दिन से उम्मीदें भी खत्म.
लेखक पंकज कुमार ब� read more >>
14 अप्रैल का दिन बहुत ही खास दिन होता है क्यूंकि 14 अप्रैल को एक बाबा की जयंती है। बाबा का मतलब कोई पाखंडी साधु नहीं, जो सच में बाबा थे।
मैं read more >>
मन के सच्चे, मनमौजी, अलमस्त बेगाना। नीचे सोते, बिस्तर से उठते, मां का जबरन नहलाना।
मिठाई मन की मुराद, खाने की न देर।
खिलौना पूंजी आगे, कह� read more >>
हे चाँद चाँदनी फैला गगन भर में ,
तू निकल कहीं ना पर निकल उनके आँगन घर में |
दीप्त कर दे बो चेहरा तेरे ही जैसा है ,
है तुझसे भी खूबसूरत ते� read more >>