न जाने आज कितनों को चाँद के आने का इंतजार है,
चाँद भी आज इतनी आसानी से प्रकट होने को नहीं तैयार है ,
चाँद को भी पता है की हमेशा उसका होता न read more >>
ओ मेरे महबूब - ओ मेरे महबूब
तू याद आने लगी है खूब
ये घर ये संसार सूना -सूना
क्या आप ने दिल की आवाज सुना
आप से घर का हर कोना -कोना
चमके बनके � read more >>
अबोध बालपन -
कितना नादान -
बड़ा होकर बनू किसान ;
यहीं सोचता रहा -
एकाग्रता से पिता का श्रम देखता रहा -
मेरा नादान बालपन सपना सजाता रहा -
बा� read more >>
हमने ये माना है, तुझको ये जाना है।
मेरे ये मानने से ,तुझे ये जानने से ।
मै तेरे दिल में हूं,तू मेरे दिल में है ।
ना तेरे चैन में, ना मेरे व� read more >>