//...अगर...//
अगर मैं तेरा ,
तुम मेरी होती...!
तेरी हर अदा ,
मुझे वफा लगता.
मेरी हर वफा ,
तुझे अदा लगती.
तेरी हर अदा पर ,
मैं आह करता.
मेरी हर आह � read more >>
प्रभु के बेहतरीन रचना हैं हमसब,
भेद कोई भी हो हम सबों का,
छुपा नहीं रह सकता।
तो आओ याचना करें,
शक्ति और ऊर्जा मिले,
जीवन यह और खिले।
रंग � read more >>
कोई किसी का नहीं होता!
दिल्ली सल्तनत के सुल्तान "अलाउद्दीन खिलजी" ने कहा था कि "राजा का कोई सगा संबंधी नहीं होता"
बस आजकल के नेत� read more >>