मेरी रचना, तुम मुझे माफ कर देना, मैं तुम्हारा बहुत बड़ा अपराधी हूं,, हाय मैं कितना निर्दई हूं, कि मैंने अपनी पत्नी को, अपने घर से निकाल दि read more >>
जो मेरा लक्ष्य है, किसी कार्य का एक सेंटर प्वाइंट आता है, जिसे मुझे अपने मन में, बसाना, ही होगा,, हां मैं अपने कल्पनाओं में, अपने कार्य क� read more >>
एक मासूम बच्चे जो सिर्फ 8 महीने की थी वह रो रही थी चीख रहे थे चिल्ला रही थी बस बोल नहीं पा रही थी वह दर्द सह रही थी वह कुछ उन दरिंदों से कहन� read more >>
कौन करे इस मसले मे बात हमारे मन की
न दिन हमारे मन का न रात हमारे मन की
कुछ नही था ऐसा,सोच रखा था जैसा,ना
मेघ हमारे मन के न बरसात हमारे मन क read more >>