कवि की न तुम कल्पना !
शायर की न शायरी !!
सूरज की न तुम किरणें !
चाँद का नूर नहीं !!
आँखे देख सब भूल गई !
किस नूर का तुम नूर हो !!
मधुशालाएं भी � read more >>
ए शारदा माँ झूठ बोलने की मुझे कला दे दो !
भेद सके न जिसको सच,ऐसा मुझे कवच दे दो !!
सच सुनने की अब, किसी को आदत नहीं ।
सच कहने की अब,जुबां में read more >>