अचंभा क्या है? ताजमहल का
बस तरासे चूना पत्थर ?
शायद नहीं !
किया अजूबा इसे विश्व में ,
भाव छिपा क्या इसके अंदर ?
देखा जब दूर से उस मीनार को read more >>
रोके रुके न नीर नयन से ,राम चले जब छोड़ भवन से
जड़ चेतन हो शून्य चले थे,कुछ कहे कौन हो मूक बने थे
दु:ख को सहे जब दे विधाता,यहां तो मैं ही थी read more >>
सारा सुकून छीन लिया
एक औरत का सरा सुकून छीन लिया
जो कभी एक काम ना करती
आज दिन भर काम कर के भी ताने खाती
जो मां बाप के घर लाडो से पली
आज व� read more >>