प्रिय आ गए तुम !
आओ दिल के दरवाजे खुले हैं!
तुम्हारे लिए सदा !
पर ठहरो !
अपनी नाराजगी बाहर ही छोड़
आना !
और सुनो !बाहर उन खेलते हुए,
बच्च� read more >>
शीर्षक --_- मेरा बेटा
कल रात से जब से मां का फोन आया है मैं थोड़ा विचलित सा महसूस कर रहा हूं ।
बहुत दिन हो गया मैं अपने घर वाराणसी नहीं गय� read more >>
शीर्षक _____कृतज्ञता
आज काफी दिनों के बाद ,,मेरे बेटे का फोन आया ,जो कि अमेरिका में रहकर जॉब करता है। उसने फोन पर कहा कि "पापा मैं कुछ दिन क� read more >>
अभिनव ,
ये ,अभिमान बोलता है।
क्या यह हर क्षत्रिय की जुबान बोलता हैं ।।
हर प्रण में .....!
युद्ध और रण में......
नारी का स्वाभिमान बोलता है।।
म read more >>