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भीष्म तेरी प्रतिज्ञा क्या.....? तेरी गौरवगाथा के काम आई मृत्यूस्या पर लेटे-लेटे प्रायश्चित के आंसू ....से शन्न था हृदय जीवन में क्यों प read more >>
हाल अपना सुनाया करो, आते हो ख्वाबों में कभी मेरी हकीकत भी बन जाया करो, आंसुओ की हो वजह तो कभी खुशी की भी बन जाया करो। वक्त का पहिया घूम ग� read more >>
पर्व, अपना , ये पावन देखों .....! मेरे भारत में सावन देखों.....! रिमझिम- रिमझिम बारिश की बुंदों में इठलाती - बतियाती खिलखिलाती सुन्दर - सुन्दर read more >>
बसंत बहार की न जाने क्यों हर साल ये हजारों फुल खिलाती है ।। पेड़ो की हरी-हरी टहनियों पर भंवरों को बुलाती है ।। ये आदत इस की या कोई शौक � read more >>
हजारों खेल खेले हैं । हमने इस बालू रेत पर.........!! वो खेल आज की उलझनों से अच्छे थे । बड़े नहीं उस वक्त हम बच्चे थे ।। वक्त की उड़ान और क्या - � read more >>
हक़ीक़त जानने की- हसरत लिए गुज़ारता था आलम यह प्यास- ए-त्रास बन प्राण लेने को था सत्य की बेपनाह चाहत में- मन-बुद्धि-अहंकार के उस पार थ read more >>
जीवन की सफलता- जीवन के मूल तत्व को जानने में है -मोती read more >>
हे दामन में दाग जिनके वो दूसरों में दाग ढूढते है। हो रहा आँखों के सामने, बुरा कितना भी वो देख सब आँखे मुन्दते है। हे ही क्या दोष इसमें � read more >>
दादी की दादागिरी, सबसे प्यारी है , बच्चों की भीड़ में, वो सबसे न्यारी। दादी की कहानियाँ, मजेदार और लंबी, उनकी गोदी में बैठ, सुनते हम सभी। read more >>
उम्मीद के इस जहां में,ये संघर्षों का दौर कुछ हमसे कहता है।, सुन यहां ये अफवाहों का शौर कुछ हमसे कहता है। यूंही नहीं बनती , कभी किस्मते� read more >>
"मैं" "चिडचिड़ा-सा रहने लगा हूँ मैं,लहजा बदल गया है,लोग कहते हैं, तुम अब बदल गये हो,मुझे खुद ही याद नहीं पहले कैसा था मैं" #Mukesh Namdev read more >>
वक्त, तेरे खौफ की ये तजा क्या , हरियाली मेरे स्वपन की मेरे हुनरमंद से क्यों रज़ा नहीं।। क्या, बंद हो जाएंगी।। मेरे सपनों के शहर में ख्� read more >>
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