हाल अपना सुनाया करो,
आते हो ख्वाबों में कभी मेरी हकीकत भी बन जाया करो,
आंसुओ की हो वजह तो कभी खुशी की भी बन जाया करो।
वक्त का पहिया घूम ग� read more >>
पर्व, अपना , ये पावन देखों .....!
मेरे भारत में सावन देखों.....!
रिमझिम- रिमझिम बारिश की
बुंदों में इठलाती - बतियाती
खिलखिलाती
सुन्दर - सुन्दर read more >>
हजारों खेल खेले हैं । हमने
इस बालू रेत पर.........!!
वो खेल आज की उलझनों से
अच्छे थे ।
बड़े नहीं उस वक्त हम बच्चे थे ।।
वक्त की उड़ान
और क्या - � read more >>