कोशिश कर ,हल निकलेगा ,
आज नही तो कल निकलेगा ।
अर्जुन सा लक्ष्य रख , निशाना लगा ,
मरुस्थल से भी फिर , जल निकलेगा ।
मेहनत कर , पौधों को पानी � read more >>
तुझे से कुछ कहने का,
यारा,
मन हो रहा है।।
आज , सावन ये
मधुर -मधुर बारिश में
तन- बदन और मन
ये भींगो रहा है।।
तुम से कुछ.....!
अब जीवन खुशियों � read more >>
पर्वत कहता शीश उठाकर ,
तुम भी ऊँचे बन जाओ ।
सागर कहता हैं लहराकर ,
मन में गहराई लाओ ।
समझ रहे हो क्या कहती हैं,
उठ - उठ गिर - गिर तरल तरंग � read more >>