"गम"
"इस जहान में गम न होता तो,शराबें महखानों का क्या होता,बोतलें खाली होती,हाथों में जाम न होता,लबों पर उनका नाम न होता,निगाहों में उनके � read more >>
मैं कौन हूं ?
था मैं ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना,
रहा मैं, सब में विशेष,
बन सबका मुखिया इन्हीं गुणों के बल पर,
करता गया दर्प मन में मैं,
कह� read more >>
हर तकलीफ को हंस के सहले जो,
तेरी खुशियों में खुश हो जाए.
सॉरी दुनिया की खुशियां दे,
शौक तेरे जो पूरे कर जाए.
पैर तेरे जब डगमगाए,
तुझे सही � read more >>
प्रेम ( पति - पत्नी का )
एक साहूकार जी थे उनके घर में एक गरीब आदमी काम करता था । जिसका नाम था । मोहन लाल जैसे ही मोहन लाल के फ़ोन की घंटी बजी read more >>