एक थी मैना। पंख फैलाकर उड़ती थी तथा मीठे गीत सुनाती थी। एक दिन वह मीना की टाट वाली झोपड़ी के घर पर बैठी थी। एक बदमाश लड़का उसे पकड़ने की तैय� read more >>
यादें - बचपन की
यादों के उन उधड़े चिथड़ों को
आज भी फिर से जीना चाहता हूं
आज फिर से उस बचपन को जीना चाहता हूं......
कितना आनंदित था मैं
न सोने read more >>