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आशा आँसू पोंछती,देती है उत्साह। निर्बल को करती सबल, करे सरल नित राह।। आशा आँसू पोंछती,भरती साहस खास। नव्य भाव को यह जगा, सदा बुझाती प्� read more >>
Ek aisa samay, jo jeevan me khamoshi Lata h,apne bacchon ki parbaris me ma bap apna sab kuch kurban kar dete h, khud ke liye jeena bhul jate h, bacchon ki khushiyon me khush hote h or unke gum me duhki, Aj jab bacche bde ho gye,to chidiya ke bacchon ke bacchon ki tarah asman me ud gye, Or humne jindagi jaha se suru ki thi bahi par pahuch gye, Ja read more >>
यह मोहब्बत है ठगों की बस्ती, एक पल में बदल देती है हस्ती; आशिक़ रहते है इश्क़ में बैचेन, इश्क़ जाता है उजाड़ कर बस्ती...! read more >>
बजट एक नजर में.. आजादी के पहले भारत में पहला केंद्रीय बजट 7अप्रैल 1860 में ईस्ट इंडिया कंपनी के स्कॉटिश इकोनॉमिक्स और पॉलिटीशियन जेम्स व� read more >>
समझो, कुतरत का ये ईशारा, रोको ,ना खुद को, बहने दो , है । ये प्रेम की घारा जो सामने आया है। वो मिलेगा जीवन मे दोबारा ये जीवन सरस,, .......अमृत ह� read more >>
उद्धेग, उद्दंड, उच्छृंखल, उचित -अनुचित। कब ऋजु, कब गरब गहेला, कब तीव्र उत्तेजित। कब दृढ़निश्चयी, कब दिग् भ्रमित। कब रिस, कब उद्धर्ष, कब read more >>
फ़िसलती ही चली गई, एक पल, रुकी भी नहीं; अब जा के महसूस हुआ, रेत के जैसी है ज़िंदगी। read more >>
पढ़ लेती है मेरे मुख को, सुन लेती है मौन दुख को, रूठे रूठे से सुख को, मना मना कर लाती है... जाने कहां से 'मां' हुनर लाती है...! read more >>
शुभ प्रभात कितना अपनापन लिए लगती थी प्रातः काल की वह बेला, जब सूर्योदय से पूर्व ही नित्य मेहरू का सुदूर गाँव से शुभ प्रभात सन्� read more >>
तालियाँ इस समय विद्यालय में गणतन्त्र दिवस समारोह के लिए सभी बच्चे और शिक्षक बड़े जोर-शोर से तैयारी में लगे थे। घर जाकर सभी अपने-अपने � read more >>
पेड़ पौधे एक बार दीपक नाम का लड़का किसी जंगल में गायों को चराने के लिए गाँव के अन्य लोगों के साथ गया। उस समय उसके माता-पिता कहीं बाहर ग� read more >>
बहुत जरूरी आज खुशी के परिवार में बेहद ही खुशी का माहौल था। उसकी माँ तो फूले न समा रही थी। वह विद्यालय आकर सभी शिक्षकों से मिलकर उनके द् read more >>
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