संदीप कुमार सिंह 08 Jan 2024 कविताएँ समाजिक How to published articles?How to open profile in sahity live?How to open YouTube Channel? How to increase YouTube Viewers?How to increase YouTube subscribers?How to open saving account in sbi bank? 67712 0 Hindi :: हिंदी
(कुंडलिया छंद) मेरे मन की पीर को,समझो मेरे यार। करो प्रेम सब देश से,आपस में हो प्यार।। आपस में हो प्यार,वतन पे हम हैं मरते। बनूं धार तलवार,नहीं हम सब हैं डरते।। सहचर हूं दिलदार,प्रेम भर दूं दिल तेरे। सुरभित करूं समाज,अटल विचार हैं मेरे।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....