"साया"
"मैंने बहुत कोशिश की,मेरी कलम से निकला हुआ अल्फ़ाज मोहब्बत् के बारे में तक़रीर न करे,मगर उनकी यादों का साया इस कदर है कि,न चाह के भी read more >>
काश! मुझे तुम मिल जाते
तो ऐ दुनियां हंसी लगने लगती
तेरे बाहों में सर रखकर
मैं भी इस जहां में खो - सी जाती
ऐ खुदा ऐसा कौन सा गुनाह मुझसे ह� read more >>