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सितारों मे दुर -कोई एक सितारा
सितारों मे दुर , कोई ,एक सितारा मुझे , वो, ईशोरों से दिखाती है। मे अनजान, अजनबी अपना समझ के मुझे वो पास ,बुलाती है। कसै ये दिल,करे हर बार
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राजकुमारी मंजुलिका
उपन्यास राजकुमारी मंजुलिका भाग - 2 गुप्त तहखाना शाम का वक्त होने को आ गया है। फिरोजगढ़ रियासत के महल के चारों और बहुत से सिपाही चौकने
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राजकुमारी मंजुलिका
उपन्यास राजकुमारी मंजुलिका भाग - 1 विनोद सिंह - एक आफत दोपहर का वक्त है। विजयगढ़ के किले के चारों और एक अजीब सी खामोशी छाई हुई है। अजीत
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ये वक्त तुम्हें बताऐंगा
लोगों को समझने के लिए जरा रिस्क उठाईए । कितने ,दंगाबाज है। लोंग यहाँ। ये वक्त तुम्हें बताऐंगा ।
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अवसर-संघर्ष की कुछ कीमत नहीं
ये जिन्दगी पा के लोगों ,से बहुत कुछ सिखा है। हमनें इतना ,व्यर्थ है। यहाँ, हर एक जीवन जीने का पैतरा संघर्ष की कुछ कीमत नहीं , अवसर ,अवसर
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सत्य पर पर्दा था उठा दिया पर्दा कोई
"सत्य पर पर्दा था कोई.. उठा-ए-दिया पर्दा कोई.. सजा-ए-मौत देखो फिसल गई,, सत्य-ए-जीवन अमर कर गई"!!!! -मोती
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दिसम्बर का आगमन
*दिसम्बर का आगमन* दिसम्बर तुम आते हो सभी को नचा जाते हो यह महीना ठण्ड की पेटी पुरा महीना खुली रहती कापे तन कापे मन दिसम्बर तुम आते �
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बच्चें के संस्कार
एक गांव में चार महात्मा घूमने आते हैं।वह भिक्षा मांग रहे थे। गर्मी के दिन थे।भीख मांगते दोपहर हो गया ।एक नीम का पेड़ था।वह उसके नीचे ब�
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समय की चक्की पीसे हरेक को
समय-ए- चलती अपनी गति को, जीवन-ए- चले अपनी गति को,, पर-ए- हक दिया, करना क्या आपको, समय- ए-चक्की पीसे हर को।।।। -मोती
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तेवर-ज़ेवर से बदलते तेवर
किसी का काम से, किसी का नाम से। किसी का याम से, किसी का दाम से। किसी के हाथ फेरने से, बदलता कलेवर। ज़ेवर से बदलते तेवर। किसी का आलंबन से,
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टूटे हुए सितारा से हमने
टूटे हुए सितारा से हमनें, उनको पाने की ख्वाईस केह दी थी, मुकमल हो मेरे प्यार का जहाँ, इसलिए ख़ुदा से मेने तुझे अपने हक मे मांगी थी
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किट्टू और मिठ्ठू
एक छोटा सा प्यारा बच्चा जो पांच साल का था।वह अपने माता पिता के साथ रहता था।उनका अपना बाग था।वह अपने बाग में खेलने जाता था घर के पिछे ही �
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