सुबह - सुबह जब साथ में,पीते हैं सब चाय।
रहे खुशी की शुभ घटा, मिट जाते हैं हाय।
आपस में हो प्रेम तब, रहे सुखी परिवार_
फिर जीने का है मजा, रहत� read more >>
कविता = ( भारत )
भारत को गर भारत पुकारा तो क्या !
वर्षों की चढ़ी गर्द को उतारा तो क्या !!
यह भरत का भारत यह देवों की देव भूमि !
जय श्री राम क� read more >>