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सुबह - सुबह जब साथ में-पीते हैं सब चाय

संदीप कुमार सिंह 30 Nov 2023 कविताएँ समाजिक How Published to articles?How published to poem's?How published to stories?How download Paytm?How download WhatsApp? 29438 0 Hindi :: हिंदी

सुबह - सुबह जब साथ में,पीते हैं सब चाय।
रहे खुशी की शुभ घटा, मिट जाते हैं हाय।
आपस में हो प्रेम तब, रहे सुखी परिवार_
फिर जीने का है मजा, रहते सभी उपाय।
(स्वरचित मौलिक)
संदीप कुमार सिंह✍🏼
जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार

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