Vaishnavi 28 Dec 2025 कविताएँ अन्य #हिंदी #कविता #भाषा #मातृभाषा #हिंदीदिवस #मातृप्रेम #देवनागरी #राजभाषा #hindi #language #bhasha #matrbhasha #hindi #diwas #desh #deshprem 10671 0 Hindi :: हिंदी
द्वारांगन समग्र पुकार का ! संबोधन वाणी का यही। चतुर्दिक पूर्णता से ओत-प्रोत, समस्त आशय का आश्रय यही। चिंतन की अथाह गहराई का, कुल माप हो, और माप की इकाई का वेदत्व हो। अंतस के विचारों का प्राकट्य - आविर्भाव से पराकाष्ठा की डगर; लिपिबद्धता की नींव से, अनंत वाक्यों का प्रखर! भक्ति से प्रभु को उठा रहे, रागों की स्वर्ध्वनी यही! शासन को ललकारने वाले कवियों के, शीरोधर की खनक यही! आभार हृदय से तुम्हारा, हिंदी मैं तेरा ऋणी।२।
Geogrpher at Indraprastha college for women, University of Delhi....