Trishika Srivastava 30 Mar 2023 शायरी अन्य जो चाहता है / Jo Chahta Hai 52371 0 Hindi :: हिंदी
जो चाहता है मिरी जीस्त यूँ ही बर्बाद रहे ख़ुदा करे वो शख़्स सदा आबाद रहे जिसके लब से निकली है मिरे हक़ में बद्दुआ मिरी दुआ है तमाम उम्र वो शाद रहे – त्रिशिका श्रीवास्तव धरा कानपूर (उ.प्र)