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मालिक की मर्जी

शरद भूषण मोंगरा 09 May 2026 शायरी धार्मिक मालिक की मर्जी 5886 0 Hindi :: हिंदी

कलंदर यूं नहीं बनता कोई बिना मालिक की मर्जी के,
कि हस्ती भूलनी होगी अगर मस्ती को पाना है।

शरद भूषण मोंगरा

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