जब इस धरती पर जन्म लिया,
ना चैन एक पल भी लिया.
बोल उठा एक चाहने वाला
अभी तो आया है बचपन,
इसे बीत जाने दे तब जीवन का सार समझ आएगा,
मैंने कहा � read more >>
विचित्र नगर भाग 2
फिर मैंने अपनी साइकिल उन पेड़ों के नीचे खड़ी कर दी बार-बार मन में उमंग आ रही थी मन हो रहा था कि इस पेड़ की कुछ पत्ते तो� read more >>
हमारा मिजाज़ अक्सर लोगो को पसंद नहीं आता.....
अब उन्हें क्या बताये हम अपने बारे में,
जनाब! हम तो बैगन की सब्ज़ी से है जो सबको कहाँ भाति है 😌 read more >>