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तू अब साँस बनके सांसो में घुलने लगा है तू बातों ही बांतों में हर बात पे रूठने लगा हैं आँखों से आँख आँख क्यों चुराने लगा हैं तू काहे क read more >>
हे नववर्ष, आगत का है स्वागत तथा दुआ-सलामत कि रखो हमारा ध्यान; कोरोना की वजह से फिर न जाए किसी बेकसूर की जान। रखो सबका मान; यही विनती है। ह� read more >>
समय की चक्र समझो यारो , होना मत कमजोर ! प्यार की हवा में बह जाना समझो वो कदर जानो यारो , कीमत हर पल की मानो जहुरी वो ही जाने यारो ! ईस्व� read more >>
चलों तो राह हर वक्त नयी, क्या धरा पड़ा दोहराने मे! चलकर गिरना गिरकर चलना, है धरा पड़ा नज़राने मे!! खाकर ठोकर गिरता है मनुज, read more >>
गर लाख कोशिशें हो शिद्दत कि, तब मिलतें हैं दो चार नज़र! चलतें ही रहें कर ध्यान मग्न, मंज़ील के राह कि डगर- डगर!! कभी व्यस्त मिलें read more >>
सपने सजा रहा था मै उसका लेट कर, कि फेंका उसने पत्थर चिट्ठी लपेटकर, देखती रह गई वो पर्दे की ओट से, मेरा थोबड़ा बिगड़ गया पत्थर की चोट से। read more >>
एक समय की बात है । रहीम नाम का एक व्यक्ति रहता था अपनी पत्नी सबा के साथ सबा घर-घर जाकर काम करती और रहीम कामचोर था । एक दिन सबा किसी सेठ के � read more >>
चैप्टर - 1 उनका जन्म 2 अक्टूबर को हुआ था संभवतः इसीलिए वे स्वच्छता अभियान से अत्यधिक प्रभावित थे । सौभाग्य से वे जहाँ निवास करते थे उस स read more >>
मेहनत की रोटी खाते है जनाब हमारे चेहरें से ज्यादा तलवे चमकतें हैं। read more >>
मतदान हो रहा था, वोटर सब खड़े थे। बगुले सा मग्न हो, नेतागण अड़े थे । सड़कों पर भीड़ थी, सब लोग खड़े थे, फुसुर फुसुर बाते, बातों से बड़े � read more >>
मतदान हो रहा था, वोटर सब खड़े थे। बगुले सा मग्न हो, नेतागण अड़े थे । सड़कों पर भीड़ थी, सब लोग खड़े थे, फुसुर फुसुर बाते, बातों से बड़े � read more >>
शाम ढले दारू ना चले ये हो नहीं सकता शाम ढले और कई मित्र आपस में ना मिले ये हो नहीं सकता शाम ढले और सारी परेशानियों को ना भुले ये हो नही read more >>
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