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"ज्योतिर्मय- आपका जीवन हो"! "पहरा- आप का दिव्य पुंज हो"! "खुशियां ही- खुशियां मिले आपको"!! सर्व- भूतेषु शक्ति दुर्गे नमः"....!!!! -मोती !!"या द read more >>
"तेरी ये- नज़र ही मेरा है धरम"! "तेरी ही- कृपा में मेरा हर करम"! "भटक रहा था मैं- एक अनजान डगर में"!! "ये-मुरीद- तू मुर्शिद ज्ञान डगर में"....!!!! read more >>
खोया हूं- मैं मेरे जीवन में, खोया हूं- मैं मेरे मंज़िल में,, खोया हूं मैं- मुसाफ़िर एक मौज में, मौज मेरा- मंजिल तू-तू ख़ुदा....!!!! -मोती read more >>
"जीवन- को जाता है जो मार्ग"! "भाई- वही हृदय तक का मार्ग"! "रूबरू करा दे- हृदय स्थित परमानंद का"!! "वह सद्गुरु- संत-शिरोमणि भाई"....!!!! -मोती read more >>
"इंसानों को बटते- ये रंगभेद करते देखा"! "कहते ईश्वर-अल्लाह- भगवान् रूप कई देखा"!! "सो भाषा बीच है- नाम अनेक रूप कई देखा"! "जगत धरा में रूप- read more >>
कसेे समझाऊ खुद को के इतने बडे जहान में तेरा कोई मुकाम नही था। हे छोटा-सा आशियाना अपना इतने बडे जहान में जिसका कोई निशान नही था। मिलत read more >>
"कभी लगती- कांटों की सेज ज़िंदगी"! "कभी लगती- बहार-ए-जन्नत ज़िंदगी"! "सुख-दुख- दो साथी चलते ज़िंदगी में"!! "चले-चल- वीर मंज़िल को ज़िंदगी � read more >>
"देखा ए-अरमानों के- बुलबुलें सजा के हमने"! "देखा जगमगाते सपने- ए-ख्वाब सजा के हमने"! "हक़ीक़त में यह मानव- शरीर ख़्वाब नहीं अरमान नहीं"!! read more >>
"आत्मा सही और- गलत की सूचना देती है"! "परंतु मनुष्य मन के- वज़ह भ्रमित हो जाता है"! "इस परख की चुनौती- को जिसने हासिल किया है"!! "असल में उस- read more >>
सृष्टि ने बनाया मनुष्य- स्त्री और पुरुष दो यहीं जाती, इसके बाद- ना कोई जाति दुनिया में देखा,, सृष्टि ने दिया- सुंदर नयन एक दृष्टि सबको, read more >>
मन रे बेचैन- तू क्यों है बेगाना, तोहे न चैन- बसे क्यों है बेगाना,, तू रे चंचल- तेरा न कहीं ए-ठौर रे, ए-मन- भटके तीनों लोक बेचैन रे....!!!! -मो� read more >>
ये समय गुजर जाएगा ये आज फिर नही आएगा सोच के तू कदम बढ़ा पंछी तू एक दिन मिट जाएगा ये समय गुजर जाएगा मत रख अभिमान, फिर से ये पंचभूत बन जा� read more >>
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