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यह मानव शरीर इनायत उस महान् शक्ति की-मंदिर यह ईश की

मोती लाल साहु 18 Oct 2023 शायरी अन्य मंदिर यह ईश की 38388 1 5 Gujarati :: ગુજરાતી

"देखा ए-अरमानों के-
बुलबुलें सजा के हमने"!

"देखा जगमगाते सपने-
ए-ख्वाब सजा के हमने"!

"हक़ीक़त में यह मानव- 
शरीर ख़्वाब नहीं अरमान नहीं"!!

"ए-इनायत उस महान्-
शक्ति की मंदिर यह ईश की"!!!!!!
-मोती

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मोती लाल साहु
मोती लाल साहु यह गुजराती नहीं हिंदी है

2 years ago

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