"जिंदगी के इस राह में-
युगों-युगों से चले आ रहे हैं"!
"ना जाने-
कितने ही मुसाफिर,
यहां भटकते आ रहे हैं"!
"देखो कोई-
ए-बिरला ही पहुंच,
पाता अ read more >>
"इस...
वसुधा में आते जो बारंबार हैं"!
"सजाते...
संत शिरोमणि यहां दरबार हैं"!!
"दुर्लभ गुरु...
ए-धरा में सहज-सुलभ ए-कृपा है"!
"यहां...
राम-नाम-ज्ञ read more >>
मेरे सद्गुरु सदाबहार...!
दरबार उनका सदाबहार...!
मोल करते ना भेद-
देखते सिर्फ सेवा भाव से,
प्रसन्न होते देते ज्ञान दान...
छल-कपट त्याग भक्� read more >>