"यह जो चेहरा दिए-
कई-कई रूप रब ने"
"चेहरा ख़ुद का-
छुपाया दिल तेरे रब ने"
"तू खोजता फिरता-
रब को कई-कई दर में"
"यह दिल-
दरबार उसका रचा रब न� read more >>
भोली सी, प्यारी सी, होती है, मा की ममता
मुरत ये, न्यारी सी, होती है ,उसकी अच्छाईयाॅ
अपने आँचल में, हमको सवारती
दुनिया भर का प्यार, हम पे लु� read more >>
गजल शेर लिखना कभी शौक हो ही नहीं सकता
बिना कारण के कोई बीमार हो ही नहीं सकता
अपने दर्द और अनुभव को याद कर वो लिख रहा है आज
लोगो को क्या प� read more >>