सुनो ना,
"आज मैंने कई सालों बाद अपनी अलमारी खोली तुमसे जुड़ी हुई बहुत-सी यादें आज भी मेरे पास हैं बसरते उन यादों में एक धुँधली -सी परत जम � read more >>
एक हम थे जो तुम्हारे रंग में रंगने! की चाहत लिए फिरते थे !
एक तुम थे जो हर रंग को !
बेरंग किए फिरते थे !
एक हम थे जो उनकी याद में
दिन रात आं� read more >>
एक शाम, खाली सी एक शाम,
जब अंधेरा छाया, मन में छाए उदासी का रंग।
रात के संग, सन्नाटे में ढूंढे,
कुछ सहारा, कुछ रोशनी, कुछ अपने सपनों के रंग read more >>