दुनिया हमें गिरते देख हंसती है और मां माथा सहला कर कहती हैं,कोई बात नही बेटा, फिर से उठ जाओगे।
दुनिया में हर कोई भूला सकता है, लेकिन मां � read more >>
तेरी याद जब भी आती है
आंखों से आंसू छलक ही आती है...!!
मैं रोती नहीं पर अंदर से कोई रो लेता hai
दर्द तो बहुत होता है पर इस दर्द का
जख्म कहीं नज read more >>
दिनांक __30 /1 /2026
काव्य --- जब जब फूल खिले
बसंत ऋतु के आने पर इन रंग बिरंगे फूलों ने किया है क्या? खूब श्रंगार !
मत तोड़ो? इन फूलों को इनमें
छु read more >>
दैनिक काव्य सृजन
दिन- बुधवार
दिनांक 21 -1 _2026
शीर्षक ----यादें ही यादें
जब शाम ढले मेरे घर पर यादों
की दस्तक होती है
मन फिर बेचैन होकर न जा� read more >>