दिल के कोने से एक आवाज़ आती है
हमें हर पल उनकी याद आती है
दिल पूछता है बार – बार हमसे
के जितना हम याद करते है उन्हें
क्या उन्हें भी ह� read more >>
तेरा नाम ही क्यों ये दिल रटता है,
क्यों ये दिल सिर्फ तुझ पे ही मरता है,
न जाने कितना नशा है तेरे इश्क में,
अब तो तेरी याद में ही ये दिन क� read more >>
स्वरचित रचना- कुछ मन की, कुछ मन के विचार!
संदर्भ-अजनबी प्यार !
*देखा न हाय रे, सोचा न हाय रे!
रख दी निशाने पे जान!
कदमों में तेरे निकले मेरा read more >>
स्वरचित रचना--- दूर हो या पास..........
संदर्भ--- दोस्ती!
दूर हो या पास
दोस्त तेरा अहसास!
बस मेरे लिए खास!
तू सलामत है तो,
मुझमें सलामत है सांस!
� read more >>
स्वरचित रचना---जुबां खामोश कहती है!
संदर्भित- ( At the deep love)
जुबां खामोश कहती है,
कहीं तो कुछ तो ऐसा है!
गुम हुआ होश कहता है
कहीं तो कुछ तो ऐसा � read more >>
ना कोई नसा , ना कोई लत
ना ही किसी से बैर......
करते वो खुद अपना काम
और साथ ही बटाते घर में हाथ......
देते सम्मान बेटियों को , कभी ना करते फर्क
जि� read more >>