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मुझे माफ़ कर मेरे यां खुदा झुक कर करू तेरा सजदा तुझसे भी पहले मां मेरे लिए ना कर कभी मुझे मां से जुदा read more >>
तुम मुझे इतना बता दो कि मेरे जेहन से जाने का क्या लगेगा मैं सिमट जाऊँगा तुम में इस से ज़्यादा मेरा क्या लगेगा तुम भी कर लेना मुझसे गुफ� read more >>
स्वरचित रचना--- प्यार किया है तो..! संदर्भ--- प्रेम ही ईश्वर है! प्यार किया है तो , क्यों रिस्क से डरें। मरना तो एक दिन है ही, तो क्यों न इश्� read more >>
स्वरचित रचना--- क्यूं जले पर छिड़कते...! संदर्भ- प्यार-मनुहार क्यूं जले पर छिड़कते नमक हो प्रिये। एक तो मारा हूं वैसे ही प्यार का, दूजा त� read more >>
स्वरचित रचना--- किसी से कोई प्यार नहीं करे....! संदर्भ---प्यार-मोहब्बत दिल देता है रो-रो दुहाई, किसी से कोई प्यार न करे! बड़ी महंगी पड़ेगी ज read more >>
स्वरचित रचना--- सितारों की दुनिया से ... संदर्भ- प्यार-मोहब्बत! सितारों की दुनिया से चल करके कोई मेरे दिल में आकर गया बस है कोई! हजारों न� read more >>
सारे गुलिस्तां की खुशबू संग लेकर आए वो चांद, तारे, फ़ूल, जादू सब लेकर आए वो read more >>
क्यू रोता है ऐ-नीर, यहां पंख निकलते ही परिंदे उड़ान भरते है, . भनक लगी है तेरी खनक की उन्हें, तभी वे दरिंदे कान भरते है, . और ये जो रिश्तो के � read more >>
रखना इस दोस्ती को बरकरार कुछ ऐसे, भले ही बन जाना सावन पर रहना आषाढ़ के जैसे, और ये जो हसीन चेहरे चमकते है अंधेरी रातो में, उनके लिए गुला� read more >>
एकलव्यी बाण मारती थी वो मेघदूती बाण मार रही है तू, वो तो शिरीष का था फूल जो टूट गया झट से, अब टहनी जो बची है उसे भी तोड़ रही है तू। read more >>
स्वरचित रचना---जिंदगी न सही,................! संदर्भ---गम ए जुदाई जिंदगी न सही, तू मौत ही बनकर आ जा। आ मगर‌ आ,तू इक बार तड़प कर आ जा आज बादल उमड़ पड़ read more >>
तुम मुझे मनाते हो जब मैं रोना चाहता हूँ तो तुम मुझे हँसाते हो, जब मैं मरना चाहता हूँ तो मुझे जीना चाहते हो, जब मैं भौहें चढ़ाना चाहता read more >>
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