तुम्हारा दे न पाया साथ खुल कर
चला हर बार मैं रस्ता बदल कर
मग़र मुझको लगी छोटी सी ठोकर
कहा तुमने, "मेरे यारा सम्भल कर"
मुझे शर्मिंदगी read more >>
किसी की जरा सी बेरूखी दिल पर असर कर जाती है,
किसी की जरा सी मज़ाक भी खिलती चेहरे को नाराज कर जाती है,
किसी की हाथ से खिलाई मिठाई भी जिह्वा read more >>