मारूफ आलम 30 Mar 2023 ग़ज़ल प्यार-महोब्बत #khusk labo ki piyas hi rahunga#love shayri#social sayari#darbhari sayari 97703 0 Hindi :: हिंदी
खुश्क लबों की प्यास ही रहूंगा आस हूँ मै और आस ही रहूंगा मुझे कोई दुख नही है यार मगर आदतन मायूस उदास ही रहूंगा जमाना चाहें तेरे लियें आम हो तेरा खास हूँ मैं खास ही रहूंगा मुझे मालिक का रूतबा ना दो तुम्हारा दास था दास ही रहूंगा तेरे पास ही था हमेशा,हमेशा से तेरे पास था और पास ही रहूंगा मारूफ आलम