न लड़ता हूं, न झगड़ता हूं,
न चीखता, न शोर करता हूं,
न करता हूं तानाकशी कोई,
न बीती बातों का ज़िक्र करता हूं,
मैं जिस रोज रूठ जाता हूं,
बस एक read more >>
बचपन में मैं देखती थी कि घर के पुरुषों के बाहर जाने पर घर की महिलाएं कभी दरवाजा तुरंत बन्द नहीं करती थी, सांकल (lock) छोड़ देती थीं। थोड़ी दे� read more >>