Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
आराध्या तेरी प्यारी सी मुस्कान तू हम सब की जान पापा की प्यारी मम्मी की दुलारी भाईयो का मान तू बहनों की शान बड़े पापा की नटखट बड़ी मम read more >>
दिल पर आकर लगती थी जब भी वो कुछ कहती थी। और हर बात पर यही कहती थी कि तुम अब बदल गए हो।। -दिनेश कुमार कीर read more >>
मैं बिकने तक को राजी था उसके प्यार के बाजार में नजरें लड़ने तक की तो आस थी ही पर कमवख्त उसने नजर तक नहीं फैरी शायद उसे नहीं खबर कि हमेश read more >>
"गम" "इस जहान में गम न होता तो,शराबें महखानों का क्या होता,बोतलें खाली होती,हाथों में जाम न होता,लबों पर उनका नाम न होता,निगाहों में उनके � read more >>
प्रेम ( पति - पत्नी का )  एक साहूकार जी थे उनके घर में एक गरीब आदमी काम करता था । जिसका नाम था । मोहन लाल जैसे ही मोहन लाल के फ़ोन की घंटी बजी read more >>
किस किस से जाकर कहती ख़ामोशी का राज, अपने अंदर ही ढूंढ रही हूँ अपनी ही आवाज। -दिनेश कुमार कीर read more >>
चाहतें भी नफ़रतें भी क्या ये झमेला है। ज़िन्दगी बस चार दिन का ही तो मेला है।। मुश्किलों में साथ देता कौन अब किसके। हर कदम पर शख़्स वो ख़ुद � read more >>
यह मोहब्बत है ठगों की बस्ती, एक पल में बदल देती है हस्ती; आशिक़ रहते है इश्क़ में बैचेन, इश्क़ जाता है उजाड़ कर बस्ती...! read more >>
पढ़ लेती है मेरे मुख को, सुन लेती है मौन दुख को, रूठे रूठे से सुख को, मना मना कर लाती है... जाने कहां से 'मां' हुनर लाती है...! read more >>
एक नजर ,जब उसे देखा हल्की सी हंसी , होठों पर ठहर गई ।। जिन्दगी के कुछ बिते पलो को जब याद कर ,पन्नों पर कुछ कुतेरने लगे । घीरे-घीरे वो काग� read more >>
गर वो बेवपफा होते, तो दौर-ए-जुदाईगी का दर्द इतना तकलीपफ न देता, लेकिन वो बेवफा भी न थे, वफा उनकी फितरत थी और मोहब्बत उनकी आदत, नज़रो में � read more >>
कोई ऐसी भी दवाई बना दे कोई ऐसी भी दवाई बना दे कोई ऐसी ख़ुराक खिला दे खाते ही कुछ भी याद न रहे अच्छी हों या बुरी बस बीती सारी यादें भुला दे read more >>
Join Us: