"गम"
"इस जहान में गम न होता तो,शराबें महखानों का क्या होता,बोतलें खाली होती,हाथों में जाम न होता,लबों पर उनका नाम न होता,निगाहों में उनके � read more >>
प्रेम ( पति - पत्नी का )
एक साहूकार जी थे उनके घर में एक गरीब आदमी काम करता था । जिसका नाम था । मोहन लाल जैसे ही मोहन लाल के फ़ोन की घंटी बजी read more >>
एक नजर ,जब उसे देखा
हल्की सी हंसी , होठों पर ठहर गई ।।
जिन्दगी के कुछ बिते पलो को जब याद कर ,पन्नों पर कुछ कुतेरने लगे ।
घीरे-घीरे वो काग� read more >>