आ मैं तेरी याद में सब को भुला दू
अगर जो तु कहे तो में चांद तारो को तोड़ के ला दू
क्यों रहते हो यू खोए खोए से रात के अंधेरे में
तुम कहो तो � read more >>
कभी कभी में सोचता हु की तेरे घर के सामने मेरा भी एक घर हो जब जब जी चाहे तुम्हारा हम को देखने को तुम्हारी नजरो के सामने बस हम हो
जब नजरे मि read more >>