पुरवईया चले-
मन में उठे तरंग,
नाचे मन मयूर-
तन में उठे तरंग,
का से कहूं सखी-
दिल पुकारे पिया-पिया,,
पिया परदेश-
दिल पुकारे पिया-पिया....!! read more >>
आ मैं तेरी याद में सब को भुला दू
अगर जो तु कहे तो में चांद तारो को तोड़ के ला दू
क्यों रहते हो यू खोए खोए से रात के अंधेरे में
तुम कहो तो � read more >>
आ मैं तेरी याद में सब को भुला दू
अगर जो तु कहे तो में चांद तारो को तोड़ के ला दू
क्यों रहते हो यू खोए खोए से रात के अंधेरे में
तुम कहो तो � read more >>
तु जा रही हो छोडकर गैरो के लिए
हमने तो विश्वास किया दिलो जान से ज्यादा
आज भी तेरे याद को हम समेटे बैठे है
गम की चादर हम ओढ के बैठे है !
क� read more >>