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दिन ढले- ये रात ढलती नहीं, तू ख्याल में- रात ढलती नहीं, चाहत-ए-दिल में- बसी तू है वो परी... बिन तेरे- जीवन कटती नहीं।।।। -मोती read more >>
ये दिल में- उठती-ए-तरंग कभी-कभी, तेरी याद- आए-ए-सताए कभी-कभी, ये तमन्ना- ए-दिल बस में नहीं कभी-कभी,, तू चले- हलचल-ए-लहर सी कभी-कभी।।।। -मो� read more >>
कोई ऐसै कहे ... जैसे .....। हम ,रूठ गऐ ।। दिल कहे ं आके ,तेरी बाहों में , टुट गऐ ।.... हो........हो बिखरा हुआ । ये आसमान कब तक सितारो को ये छुपाऐगा । आ� read more >>
कभी मुड़कर न देखना वो साए सारे जो तुम्हे खुद तुमसे जुदा करते है मे फिर किसी मोड़ पर बेकरार सा खड़ा रहूंगा कैसे रहू. तन्हा ही मिलुं� read more >>
जानता हूं मिलना नहीं है, यकीन है मुझे दरिया के किनारे उसी जगह घंटों गुज़ारता हूं..।। बयां क्या करूं शब्द नहीं, पुकारता हूं उसे शब्द उ� read more >>
तू आए शरमा के नज़रें झुका के ये मैं सदके तेरी इसी अदा के गर-ए-जिंदगी में मिलना तुम्हीं से महबूब मेरे-ए-पनाह तुम्हीं से जीवन-ए-सफर का त� read more >>
"प्यार अगर सच्चा हो तो... कभी नहीं बदलता... ना वक्त के साथ... ना हालात के साथ..." -दिनेश कुमार कीर read more >>
मेरा नाम रमीज अजीज खान है। मैं आज आपको मेरे जिंदगी से जुडी कुछ यादगार यादें ताजा कर कर बता रहा हूं। मेरी मां सिल्लोड तालु� read more >>
किसी बेहतर की तलाश तुझे, ले डूबे गी फराज तुझे। आईने में देख जरा, कहते हो रकीब किसे। लेखक - समीर लांडे read more >>
डोळ्यातील पाण्याचं काय ते तर केव्हा ही येत , कधी रडताना तर कधी हस्ताना ही येत. मानस जपता आली तर जपून घ्यावीत, नसेल येत तर शिकून, नाहीतर � read more >>
में पीस रहा हूं जैसे मसाला कोई, मसला ये है की पीसने वाला है अपना कोई। कवी - समीर लांडे read more >>
मैं किसिका खास नहीं, ना समझे मेरा एहसास कोई। सुबह की ओस सा मैं हूं सही, तुझे देखा तो जाना मैंने हर कोई कोसने वाला नहीं। तू है कोई जो समझ read more >>
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