बिन बात की इस ,
लढाई का क्या अंजाम हो !
की एक उम्र निकल जाये ,
और बात भी ना हो !
दोस्ती औंर पेहचान क्या होती है ,
घर आओ तो मासे कहो
मैने इसको � read more >>
"सफ़र"
"मैं सफ़र में हूँ अभी-भी तुम्हारे,
पता नहीं इस सफ़र में कब तक रहूँगा तुम्हारे,
मगर जब तक रहूँगा,रहूँगा सफ़र में तुम्हारे"
#Mukesh Nam read more >>
हम तेरी गलियां छोड़ आए हैं,
रिश्ता नाता उनसे सारा तोड़ आए हैं ,
मेरे जहन में कभी तेरी याद न आए
उन यादों का गला हम मरोड़ आए हैं
*शिव किशोर � read more >>