जाने कहां जाना है ,जाने किस तरफ जाना है ।
फिर भी दिल यह कहता है,
इस गांवसे तो मेरा रिश्ता पुराना।
है ,
अपने इस घर को जो मैं छोड़ कर।
आगे च read more >>
जीवन चौराहा था कभी इस जगह, कभी उस जगह भटकता है बहुत मन। मन की दुनिया प्रेम प्यार सब मोह है इसमें खासकर सब का बेड़ा घर का कबाड़ा समाज में इ read more >>
"एक रोज"
"एक रोज जब वो मुझसे मिलने आयेगा,क्या कहेगा वो मुझसे,
क्या वफा की कसमें फिर से खायेगा,क्या गुजरे हुये पलों को फिर से लौटा पायेगा,� read more >>