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पिता पर ही क्यों लिखूं...मैं तो माँ पर भी लिखूंगी..क्योंकि मुझे लगता है वो,दोनों एक ही है... वो अपनी हर परेशानियों को अपनी मुस्कान में छुप� read more >>
मंजिल पाने की सनक सवार होना चाहिए। फिर देखते हैं है किसमें इतना दम की मेरे फौलादी धावक को कौन रोक पाता है। मानव जब जोड़ लगाता है, पत्थर � read more >>
मुझे अब नींद की तलाश नहीं अब रातों को जागना अच्छा लगता है। मुझे नहीं मालूम कि तुम मेरी किस्मत में हो या नहीं मगर हर दुआ में तुम्हे मा� read more >>
18 जून, 1576 ई., यह वह तारीख है जिस दिन मेवाड़ की हल्‍दीघाटी में मेवाड़ और मुगल सेनाओं के बीच रण रचा गया। एक ताकत समूचे हिंदुस्‍तान को अपनी मु read more >>
आया दिन खुशियों का कितनी मस्ती है झूम रही हूं मैं झूमती पुरी बस्ती हैं पापा मेरे वो हस्ती है सामने जिनके दुनिया की हर चीज सस्ती है है� read more >>
मुझसे यूं ना रोज-रोज ख्यालों में आकर मिला करो कभी तो मेरे घर भी चांद की तरह मेरे आंगन में उतर आया करो मुद्दतें हो गई तुम्हें देखें चांद � read more >>
क्षत्रिय ठाकुर खेत सिंघ रूपावत चाडी बात विक्रम सम्वत 1876 पूनम की रात निंबाज हवेली की है, जोधपुर रियासत के उत्तरी छोर पे एक अति बलशाली ठ� read more >>
न जाने क्यों सब कुछ होते हुए भी मन कभी-कभी बहुत दुखी हो जाता है और ऐसा लगता है कि खुशी तो हमारे पास है ही नहीं उस समय हमें घर से बाहर निकल क read more >>
छोटी सी है जिंदगी क्यों ना छोटी-छोटी खुशियों में ही खुश होने का प्रयास करें हम हमेशा यह क्यों सोचते रहते हैं कि जब कोई बड़ी खुशी मिलेगी read more >>
हम हमेशा लोगों की भीड़ में ही बने रहना चाहते हैं और हमेशा चाहते हैं कि लोग हमारी तारीफ ही करें कभी हमारी बुराई ना करें परंतु हमारा यह ख् read more >>
शब्दों के दांत नहीं होते हैं परंतु जब यह हमारे द्वारा प्रयोग में लाए जाते हैं तो कभी-कभी किसी को तो बहुत खुशी प्रदान करते हैं परंतु कभी- read more >>
पिता वो साया है सर पर जिसके रहते दुखो की बूंद भी हमे छू नही पाती है फिर चाहे वो खुद कितनी दुखो की बारिश झेल कर आता हो। पिता वो सहारा है read more >>
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