आज गगन में उड़ते पंछी
को देखकर न जाने क्यों?
मन यह सोच रहा है !
कितना ही अच्छा होता!
अगर बन जाते पंछी हम!
मस्त निर्भीक! होकर मस्त !
गगन मे read more >>
न जाने मन में उठते हैं क्यों?
हजारों सवाल !
न जाने दिल क्यों?
आज कह रहा है !कह दूं मैं भी
कुछ अपने दिल का हाल!
कहने को बहुत कुछ है!
मगर जुब read more >>