जिंदगी को जिया मैंने
अपनी तरह! न जाने क्यों?
लोगों की नजर में हम खटकत्तै रहे! कुछ राह में मिले हैं! अजनबी की तरह
कुछ पास आ गए हैं !
अपनों � read more >>
खुद को इतना भी मत सताया
करो !कभी खुलकर अपनी बात भी बताया करो!
चांद देगा! नहीं !तोड़कर तुझे कोई !यह बात भी कभी मुझे तुम समझाया करो! देख कर म� read more >>
यह संघर्ष का समय भी देखो! अब निकल जाएगा!
कुछ समय जो मेरे हाथों से! निकल चुकी है!
देखो !वह वापस आ जाएगा! समय कि! फितरत है! कि वह एक सी रहती नही read more >>