कुछ आहट लेता हूं, कुछ ख़ुशबू आती है।
यह बहकी-बहकी सी, शाम होती है।।
यह ख़्याल रखता हूं, दिल थामें रखता हूं।
तेरे घर की गलियों से, हर दिन � read more >>
शराब से नहीं मिटते है गम, इज्जत के साथ शरीर पैसा सब शराब कर देती है खत्म।
इस बात का चाहिए सबूत तो शराबी के घर जाएं जरूर, अगर फिर भी इस बात read more >>
अब न जाने क्यों दिल यह कहता है
!अब मैं तुमसे दूर ना ना होने पाए!
क्यों सपनों में मुलाकात करें
क्यों ना ?हकीकत में कभी बात करें !
कभी-कभी � read more >>