*संजना - एक अनोखी दास्तान,*
"कहाँ जा रही है, संजना बहू... ?" बाईक की चाबी उठाती हुई संजना से सास ने पूछा...
"माँ की तरफ जा रही थी मम्मी"
"अभी तरस� read more >>
लक्ष्य...
'दुनिया जीतने' निकले हो.......
और 'एक हार' से हताश हो......
कर बैठ गए, तुम्ही ही बताओ.......
महज़ एक प्रयास में मेहनत........
रंग ला read more >>
#बहर:_2122
#काफिया:_जल/चल
#रदीफ:_रहा है।
#मिसरा:_दीप सा मन,
जल रहा है।
ताप सब घर,
जल रहा है।
कर्म ही तो,
फल रहा है।
प्रेम ही अब,
हल रहा है।
नाम read more >>