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उलझा है संसार यह,भौतिक सुख में लोग। नहीं सूझता और कुछ, सभी चाहते भोग।। उलझा है संसार में,समझे सब जन खेल। अपनी अपनी सोच है,होगा कभी न मे� read more >>
उलझा है संसार,मोह माया में जनता। करते यहां तलाश,काम सबका है बनता।। सबको सबमें होड़,मेहनत से हो आगे। रहे सदा आनन्द, खुशी से सब दुख भागे। read more >>
व्यर्थ नहीं जाता कभी,अच्छी सोच विचार। केवल खुशियाँ ही मिले, जीवन हो गुलजार।। व्यर्थ नहीं जाता कभी,किए गए शुभ त्याग। सदा दिव्य परिणा� read more >>
केवल खुशियां ही मिले, जीवन हो गुलजार। व्यर्थ नहीं जाता कभी,अच्छी सोच विचार।। अच्छी सोच विचार,वरदान लगता हमको। मन में रहता ज्योत, दिखा read more >>
देखो झूठी शान के बदले किसी का अपमान ना करना मिल जाए तुमको लाखों पर पाई भर का अभिमान ना करना, देखो कहता बात खरी लग जाए चाहे बुरी। read more >>
धरा वसन्ती हो गई,लहर खुशी की खूब। माँ धनदा स्व आ गई,चढ़े पान फल दूब।। धरा वसन्ती हो गई,घर घर में है हर्ष। पूजा मय आँगन लगे,प्राण करे उत� read more >>
*संजना - एक अनोखी दास्तान,* "कहाँ जा रही है, संजना बहू... ?" बाईक की चाबी उठाती हुई संजना से सास ने पूछा... "माँ की तरफ जा रही थी मम्मी" "अभी तरस� read more >>
लक्ष्य... 'दुनिया जीतने' निकले हो.......       और 'एक हार' से हताश हो...... कर बैठ गए, तुम्ही ही बताओ.......         महज़ एक प्रयास में मेहनत........ रंग ला read more >>
इक सहमी सहमी सी आहट है, इक महका महका साया है, ये एहसास तुम्हारी मोहब्बत का, ना जाने क्या रंग लाया है, ए यार सनम कुछ तू ही बता, तू मुझे इत read more >>
माँ की दुआ...  बहारों के मौसम में भी दिल में पतझड़ है,  किसी ने हमें दुआएं दी तो कहीं सिर्फ तोहमतें मिली,  झोली मेरी खाली थी,  जिसने जो प्� read more >>
सभी का तहेदिल से आभार... कौन समझाए बेसबब संसार को मैं बखूबी निभाता हूं किरदार को जीतने की नहीं होड़ में शामिल मैं हंस के स्वीकारता ह read more >>
#बहर:_2122 #काफिया:_जल/चल #रदीफ:_रहा है। #मिसरा:_दीप सा मन, जल रहा है। ताप सब घर, जल रहा है। कर्म ही तो, फल रहा है। प्रेम ही अब, हल रहा है। नाम read more >>
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