अधरों तक ही रह गई, दिल की वह मधु बात।
करने से पहले वफा, करदी जानम रात।।
अधरों तक ही रह गई,हुस्न परी का प्यार।
किसी और की हो गई,हम से कर तकर read more >>
जिंदगी के इस मोड़ पर न जाने
क्यों ?
अब अकेले ही अच्छा लगता है! बहुत कुछ किया औरों के हिसाब से !
अब अपने हिसाब से जीना
मुझे अच्छा लगता है !
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मत बनाओ मुझे अपने फुरसत के लम्हों का खिलौना
जब हम टूटते है तो किसी को आवाज भी नही आती है
कोई आके अगर पूछे तो हमे आह भी नही आती है
किस को � read more >>