में समझ नहीं पा रहा हूँ,
की में महफिल में आम हूँ या खास हूँ,
जब लोग मुझ से मिलते है,
तो ज़्यादा रूख न देकर मुझे आम कर देते है,
लेकिन जहां भी read more >>
नसमझ था में के जिंदगी का,
बड़ा तजुर्बा है मुझे,
लेकिन इतने लोगो को,
अलग-अलग तरीके से,
धोखे देते हुए देखा,
तब जाना अभी तो मेंने,
कुछ सीखा ह� read more >>
मेंने अपने वजूद से मोहब्बत कर ली,
क्यूंकि में यह जान गया हूँ,
की यहां कदम-कदम पर लोग धोखा देते है,
एक अपना वजूद है जो तुम्हे कभी धोखा नही� read more >>
एक बात अधुरी थी जो में तुझे बता न पाया,
मुददत से इंतेजार में था,
तुझे यह अधुरी बात बताने को,
लेकिन में तुझे बता न पाया,
हर पल तड़पता रहा तु� read more >>